रायगढ़ | शहर में विकास के नाम पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मनमानी करने वालों पर नगर पालिक निगम ने अब डंडा चलाना शुरू कर दिया है। निगम की संपत्तियों से छेड़छाड़ और बिना अनुमति अवैध निर्माण को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जूटमिल थाने में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। ताजा मामला सावित्री नगर रोड, मिट्ठूमुड़ा का है, जहाँ भवन निर्माता द्वारा मुख्य वाटर सप्लाई लाइन को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सावित्री नगर रोड (मिट्ठूमुड़ा) के पास स्थित शिवम होटल मॉलधक्का रोड पर अभिषेक अग्रवाल द्वारा भवन निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इस निर्माण के दौरान नियमों को ताक पर रखकर मुख्य सड़क पर करीब छह अलग-अलग स्थानों पर खुदाई की गई। इस लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि नगर निगम की मुख्य जल प्रदाय पाइपलाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हजारों की आबादी रही प्यासी, जनता में भारी आक्रोश
पाइपलाइन टूटने का खामियाजा शहर की एक बड़ी आबादी को भुगतना पड़ा। १३ मई २०२६ की सुबह ट्रांसपोर्ट नगर, राजीव नगर, मिट्ठूमुड़ा, सावित्री नगर और चमड़ा गोदाम जैसे घने बसे इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रही। भीषण गर्मी के इस दौर में पेयजल संकट गहराने से स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद निगम प्रशासन हरकत में आया।
बिना अनुमति के हो रहा था खेल
निगम की जांच में यह बात सामने आई है कि अभिषेक अग्रवाल द्वारा की गई सड़क खुदाई और निर्माण कार्य के लिए नगर पालिक निगम या किसी भी सक्षम अधिकारी से कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति के सार्वजनिक मार्ग को खोदना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सार्वजनिक व्यवस्था को भी बाधित करने वाला कृत्य है।
“शासकीय संपत्ति जनता की अमानत है। बिना अनुमति सड़क कटिंग या पाइपलाइन से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वालों के विरुद्ध निगम प्रशासन इसी तरह कठोर रुख अपनाएगा।”
— नगर निगम प्रशासन, रायगढ़
आयुक्त की सख्त चेतावनी: अनुमति लें, वरना होगी जेल
नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाइपलाइन और सड़कें आम जनता की सुविधा के लिए हैं। आयुक्त ने भवन निर्माताओं और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि किसी भी निर्माण या खुदाई से पहले विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को अब सीधे कानूनी कार्यवाही और एफआईआर का सामना करना पड़ेगा।



