रायगढ़ । जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र से एक 16 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर न केवल लापता बालिका को बरामद कर लिया, बल्कि शादी का प्रलोभन देकर वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को भी धर दबोचा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 4 मई को भूपदेवपुर थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि बालिका 30 अप्रैल 2026 की रात से ही घर से लापता थी। परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और आसपास के गांवों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ अपराध क्रमांक 77/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
मुखबिर की सूचना और पुलिस का एक्शन
मामला दर्ज होने के दूसरे ही दिन भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि गुमशुदा बालिका को खरसिया इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। इसी दौरान पुलिस की सक्रियता के बीच बालिका वापस अपने घर पहुंच गई, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल थाने को इसकी सूचना दी।
बयान में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दस्तयाब बालिका का विस्तृत बयान दर्ज किया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि भूपदेवपुर का ही रहने वाला 24 वर्षीय युवक त्रिलोचन चौहान उसे शादी का झांसा देकर अपनी मोटरसाइकिल पर खरसिया ले गया था। वहां आरोपी ने 2 से 3 दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका के इन बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एफआईआर में धारा 64 बीएनएस और 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं और जोड़ दीं।
आरोपी सलाखों के पीछे
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी संजय नाग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू की और 6 मई की शाम उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी त्रिलोचन चौहान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई में भूपदेवपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग, महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, प्रधान आरक्षक लखेश्वर मानसर और भूपदेवपुर थाने के अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा।



