रायगढ़। जिले में नशे के अवैध कारोबार और युवाओं को इसकी गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ओडिशा से प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन लाकर शहर में खपाने की तैयारी कर रहे एक तस्कर को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई चक्रधरनगर और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की है।
मुखबिर की सूचना पर मरीन ड्राइव के पास घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले भर में नशे के खिलाफ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। इसी कड़ी में पुलिस को सूचना मिली थी कि मरीन ड्राइव रोजगार कार्यालय के पास एक युवक भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन लेकर ग्राहक की तलाश में खड़ा है।
इस सटीक सूचना पर चक्रधरनगर और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने पंजरी प्लांट मरीन ड्राइव क्षेत्र में तुरंत घेराबंदी की। पुलिस टीम को अपनी ओर आता देख संदिग्ध युवक ने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
झारसुगुड़ा का रहने वाला है आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष डंडरिया (22 वर्ष) बताया है। वह मूल रूप से नवधा चौक, गंगानगर (थाना बृजराजनगर, जिला झारसुगुड़ा, ओडिशा) का निवासी है और फिलहाल रायगढ़ के किरोड़ीमलनगर, आजाद चौक इलाके में रह रहा था।
गवाहों की मौजूदगी में ली गई तलाशी में आरोपी के पास से एक प्लास्टिक के थैले में रखे 98 नग प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन (NRXPENTAZOCINE LACTATE INJECTION I.P. – ZOXIFIX) बरामद हुए। इन इंजेक्शनों की कीमत लगभग 5,953 रुपये बताई जा रही है। आरोपी इन नशीली दवाइयों को रखने या बेचने के संबंध में पुलिस को कोई वैध दस्तावेज या मेडिकल पर्ची प्रस्तुत नहीं कर सका।
सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
आरोपी मनीष डंडरिया के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इन नशीले इंजेक्शनों की मुख्य सप्लाई चेन कहाँ से जुड़ी है और शहर में इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, उप निरीक्षक गेंदलाल साहू, एएसआई भागीरथी चौहान, प्रधान आरक्षक एन. बालचंद मोहन राव, रूपराम पटेल समेत आरक्षक धर्मेन्द्र सिंह, मनोज पटनायक, रोशन एक्का, चन्द्र कुमार बंजारे, जितेन्द्र कुर्रे और मिनकेतन पटेल की अहम भूमिका रही।



