रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती का मिलना अब कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक गंभीर संगठित अपराध की ओर इशारा कर रहा है। सोमवार को प्रशासन ने मुड़ागांव और नवीन घटगांव में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीसरी बड़ी सफलता का दावा तो किया है, लेकिन इन कार्यवाहियों ने जिला प्रशासन और स्थानीय इंटेलिजेंस को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
ड्रोन के भरोसे प्रशासन: क्या जमीनी तंत्र फेल हो चुका है?
प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है कि ड्रोन सर्वे के माध्यम से लैलूंगा के मुड़ागांव और नवीन घटगांव में अफीम की खेती पकड़ी गई। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब अफीम की फसल लहलहा कर तैयार हो गई, तब तक स्थानीय पटवारी, कोटवार और पुलिस का बीट सिस्टम क्या सो रहा था?
- मामला 1 (नवीन घटगांव): किसान साध राम नाथ के खेत में 11 \times 22 वर्ग फीट के दायरे में अफीम की खेती पाई गई।
- मामला 2 (मुड़ागांव): यहाँ भी निजी भूमि पर अवैध अफीम का खुलासा हुआ, जहाँ आरोपी तानसेन नागवंशी से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश: आरोपी अभिमन्यु नागवंशी के घर में सूखी अफीम का मिलना और उसके द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास यह बताता है कि अपराधियों के मन में खाकी का खौफ खत्म हो चुका है।
प्रशासन के सामने अनुत्तरित प्रश्न
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: - देरी से क्यों जागी व्यवस्था? अफीम की फसल रातों-रात तैयार नहीं होती। इसे उगने में महीनों लगते हैं। क्या प्रशासन को इसकी भनक तब लगी जब फसल कटने की कगार पर पहुँच गई?
- मास्टरमाइंड कौन? गिरफ्तार किए गए साध राम, अभिमन्यु और तानसेन तो महज मोहरे हो सकते हैं। इस अवैध कारोबार का असली “सिंडिकेट” कौन चला रहा है और उन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है?
- ड्रोन बनाम मानवीय सूचना: अगर ड्रोन न होता, तो क्या प्रशासन को कभी पता चलता? यह स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है कि उनके नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध कारोबार फल-फूल रहा था।
हड़कंप या महज औपचारिकता?
यद्यपि प्रशासन ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और जिले भर में ड्रोन सर्वे तेज करने की बात कही है, लेकिन जनता के बीच यह चर्चा आम है कि यह कार्रवाई ‘ऊंट के मुँह में जीरा’ है। जब तक निचले स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक केवल “ड्रोन की तस्वीरों” से यह काला कारोबार नहीं रुकेगा।


