रायगढ़। शहर का खूबसूरत दिखने वाला पचधारी डेम एक बार फिर किसी परिवार के बुझते चिराग का गवाह बना है। प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित और खतरनाक घोषित किए जाने के बावजूद यहाँ हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 25 वर्षीय युवक अजय सिदार की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर डेम की सुरक्षा व्यवस्था और सैलानियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छुट्टी मनाने आए थे पांच दोस्त
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम रियापाली का निवासी अजय सिदार एनटीपीसी (NTPC) लारा में कार्यरत था। रविवार को छुट्टी होने के कारण वह अपने चार अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने और घूमने के लिए पचधारी डेम पहुँचा था। खुशनुमा मौसम के बीच पांचों दोस्त डेम के पानी में नहाने उतरे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह मस्ती उनके जीवन की आखिरी गलती साबित होगी।
गहरे पानी की चपेट में आया अजय
नहाने के दौरान अजय अचानक गहरे पानी और तेज भंवर की चपेट में आ गया। जब तक उसके दोस्त कुछ समझ पाते या उसे बचाने की कोशिश करते, अजय पानी की गहराइयों में ओझल हो चुका था। दोस्तों के शोर मचाने पर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद अजय के शव को पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे रियापाली गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है।
‘अभिशप्त’ होता पचधारी: प्रशासन की चेतावनी बेअसर
स्थानीय लोग अब पचधारी डेम को ‘अभिशप्त’ मानने लगे हैं, क्योंकि यहाँ आए दिन डूबने की खबरें आती रहती हैं। प्रशासन ने इस क्षेत्र को खतरनाक घोषित कर यहाँ चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन युवाओं का जोश अक्सर इन चेतावनियों पर भारी पड़ जाता है।
सिटी कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में गहरे पानी में न उतरें और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।



