रायगढ़, 25 मई । जिले में गोवंश की तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ तस्करों पर भारी पड़ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए धरमजयगढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिकअप में ठूंस-ठूंस कर बूचड़खाने ले जाए जा रहे 8 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। मामले में कोरबा के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि पिकअप चालक मौके से फरार हो गया।
डायल 112 की तत्परता से बची बेजुबानों की जान
जानकारी के अनुसार, रविवार (24 मई 2026) की रात डायल 112 की टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम खड़गांव में एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से मवेशियों को भरा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डायल 112 की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। जांच के दौरान पिकअप वाहन (क्रमांक CG 12 AS 8363) में 8 मवेशी बेहद क्रूरतापूर्वक बांधकर लादे हुए पाए गए, जिन्हें तस्करी कर ले जाने की तैयारी थी।
अंधेरे का फायदा उठाकर भागा ड्राइवर
पुलिस टीम ने वाहन में सवार दो लोगों को मौके पर ही दबोच लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सत्यपाल राठिया (21 वर्ष) और तिहारू राम राठिया (30 वर्ष) बताया। दोनों आरोपी कोरबा जिले के चाकामार नवापारा (थाना बालको) के रहने वाले हैं। आरोपियों ने बताया कि उनका साथी और वाहन चालक रमेश राठिया (निवासी थाना रजगामार, कोरबा) पुलिस की भनक लगते ही गाड़ी छोड़कर फरार हो गया है।
डायल 112 में तैनात आरक्षक प्याराजीवन टोप्पो ने तत्काल इसकी सूचना धरमजयगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े को दी। जिसके बाद पुलिस टीम ने पिकअप और मवेशियों को जब्त कर थाने लाया।
सलखिया गौशाला भेजे गए मवेशी, तस्करों पर FIR
थाना धरमजयगढ़ में गिरफ्तार दोनों आरोपियों और फरार चालक के खिलाफ अपराध (क्रमांक 147/2026) दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इन पर छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत कड़ी कार्रवाई की है। गिरफ्तार तस्करों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, मुक्त कराए गए सभी 8 मवेशियों को सुरक्षित और चारे-पानी की उचित व्यवस्था के लिए ग्राम सलखिया की गौशाला में रखवाया गया है।
इस अहम कार्रवाई में एएसपी अनिल सोनी और एसडीओपी सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, एएसआई मंजू मिश्रा, प्रधान आरक्षक जगित राठिया, डायल 112 आरक्षक प्याराजीवन टोप्पो और ईआरवी चालक इलियास खान (बबलू) की भूमिका सराहनीय रही।



