रायगढ़/तमनार। कहते हैं कि गुस्से का एक पल इंसान की पूरी जिंदगी तबाह कर सकता है। रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बेहद मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। खाना खाने के बाद जूठी पत्तल फेंकने को लेकर हुए झगड़े में गांव के कोटवार ने अपने बेटे और एक नाबालिग के साथ मिलकर एक ग्रामीण की बेरहमी से हत्या कर दी।
हालांकि, तमनार पुलिस ने इस अंधे कत्ल के मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।
भोजन पर बुलाया था, पत्तल फेंकने पर हो गई हत्या
घटना तमनार के ग्राम उरबा की है। जानकारी के मुताबिक, 30 मई 2026 की रात मृतक दामोदर राठिया (37 वर्ष) ने गांव के कोटवार हरिराम चौहान को अपने घर भोजन पर आमंत्रित किया था। खाना खाने के बाद पत्तल को बाहर फेंकने की बात पर दोनों के बीच अचानक कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना गहरा गया कि 60 वर्षीय हरिराम चौहान, उसके 22 वर्षीय बेटे आकाश चौहान और वहां मौजूद एक नाबालिग ने दामोदर पर जानलेवा हमला कर दिया।
चाकू और डंडों से ताबड़तोड़ वार, बीच-बचाव करने वाला भी घायल
आरोपियों के सिर पर खून सवार था। आकाश और नाबालिग ने धारदार चाकू से, जबकि कोटवार हरिराम ने लाठी-डंडे से दामोदर को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान मृतक का बहनोई अवधराम राठिया (निवासी गंजपुर), जो अपनी छोटी बेटी के साथ वहां आया हुआ था, बीच-बचाव करने दौड़ा। लेकिन बेखौफ आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा और पीटकर घायल कर दिया।
खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल दामोदर को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए तमनार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का एक्शन: 24 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी
रात में ही घटना की भनक लगते ही तमनार थाना प्रभारी प्रशांत राव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के बहनोई की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी।
पुलिस की अलग-अलग टीमों ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल किए गए चाकू और डंडे को भी बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस खौफनाक वारदात के त्वरित खुलासे में एसएसपी शशि मोहन सिंह, एएसपी अनिल सोनी और धरमजयगढ़ एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के कड़े मार्गदर्शन में तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव, एएसआई शशिदेव भोई, प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, बनारसी लाल सिदार, आरक्षक पुष्पेन्द्र, पुरुषोत्तम, रंजीत भगत और डोल नारायण सिदार की भूमिका बेहद सराहनीय रही।



