रायगढ़। जिले के ऐतिहासिक पर्यटन और पुरातात्विक महत्व वाले भूपदेवपुर क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की ढलती शाम करीब 4 बजे, सिंघनपुर की प्राचीन गुफाओं में उस वक्त अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब वहां शोध और सर्वे करने पहुंची एक विशेष टीम पर मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने बोल धावा बोल दिया। हमला इतना अचानक और भीषण था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
जान बचाने के लिए मची भगदड़
चश्मदीदों के मुताबिक, सर्वे टीम जब गुफा के भीतर और आसपास बारीकी से निरीक्षण कर रही थी, तभी किसी हलचल से मधुमक्खियों का पूरा छत्ता भड़क उठा। देखते ही देखते आसमान में काले बादलों की तरह मधुमक्खियों का झुंड टीम पर टूट पड़ा। अपनी जान बचाने के लिए अधिकारी और कर्मचारी बेतहाशा पथरीले रास्तों पर भागने लगे। गुफा के दुर्गम रास्तों के बीच खुद को बचाना किसी जंग से कम नहीं था। काफी जद्दोजहद और मशक्कत के बाद टीम के सदस्य किसी तरह वहां से सुरक्षित बाहर निकल पाए।
जिंदल अस्पताल में इलाज जारी, वन अमला भी चपेट में
इस अचानक हुए जानलेवा हमले में सर्वे टीम के 5 सदस्य बुरी तरह लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी घायलों को आनन-फानन में रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनके इलाज में जुटी है। बताया जा रहा है कि टीम के साथ मौजूद वन विभाग के 3 स्थानीय कर्मचारी भी इस हमले का शिकार हुए हैं, जिन्हें हल्की चोटें और डंक आए हैं।
इस घटना के बाद से पूरे सिंघनपुर और आसपास के इलाके में एक अजीब सा खौफ पसरा हुआ है। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी और वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटा है।



