रायगढ़ : बाकारूमा से लैलूंगा मुख्य मार्ग पर राजपुर बाजार के पास जर्जर सड़क और आए दिन हो रही दुर्घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार (12 जुलाई 2026) को चक्का जाम कर दिया। लंबे समय से खराब इस 600 मीटर के टुकड़े के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। आंदोलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा एक सप्ताह के भीतर सड़क को चलने लायक बनाने और भू-अर्जन का मुआवजा जल्द बांटने के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
मुआवजे के पेंच में अधूरा रह गया था काम
गौरतलब है कि बाकारूमा से लैलूंगा तक 23 किलोमीटर मार्ग का निर्माण ADB (एशियाई विकास बैंक) परियोजना के अंतर्गत किया गया था। इस पूरी सड़क का काम समय पर पूरा हो गया था, लेकिन ग्राम राजपुर में करीब 600 मीटर के हिस्से में भू-अर्जन (जमीन अधिग्रहण) का मुआवजा नहीं मिलने के कारण प्रभावित भू-स्वामियों ने आपत्ति जताते हुए निर्माण कार्य रोक दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि उचित मुआवजे के अभाव में ही यह सड़क इतने लंबे समय तक जर्जर स्थिति में पड़ी रही।
DMF मद से 1.32 करोड़ स्वीकृत, अब PWD करेगा निर्माण
मौके पर पहुंचे लोक निर्माण विभाग, धरमजयगढ़ के SDO ने प्रदर्शनकारियों को लिखित जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में भू-अर्जन की राशि भू-अर्जन अधिकारी के खाते में जमा कर दी गई है और वितरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

अधिकारी ने बताया कि ADB द्वारा इस बचे हुए 600 मीटर हिस्से के लिए राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण, जिला प्रशासन ने DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) मद से 132.56 लाख रुपये (1 करोड़ 32 लाख 56 हजार) की प्रशासकीय स्वीकृति 21 मई 2026 को जारी कर दी है। अब इस सड़क की निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग (PWD) को बनाया गया है और टेंडर (निविदा) की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
एक सप्ताह के भीतर शुरू होगा मरम्मत कार्य
चक्का जाम कर रहे ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए प्रशासन की ओर से लिखित में यह आश्वासन दिया गया है कि वर्तमान में आवागमन की भारी परेशानी को देखते हुए आगामी एक सप्ताह के भीतर निर्विवाद स्थल प्राप्त होने पर तुरंत मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे कम से कम बारिश के मौसम में यह मार्ग सुगमता से चलने लायक हो जाएगा। बारिश खत्म होते ही और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही स्थायी डामरीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
आंदोलनकारियों की दो टूक: सड़क के साथ-साथ मिले पूरा मुआवजा
चक्का जाम का नेतृत्व कर रहे लोगों ने ‘रायगढ़ सृष्टि’ से बात करते हुए स्पष्ट किया कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण उन्हें मजबूरन सड़क पर बैठना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया कि सड़क तो बने ही, लेकिन जिन किसानों/भू-स्वामियों की जमीन ली गई है, उन्हें उनका बकाया मुआवजा तत्काल दिया जाए। अगर मुआवजा सही समय पर दे दिया जाएगा, तो इस सड़क के निर्माण में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आएगी।
प्रशासन के लिखित आश्वासन और PWD विभाग की सक्रियता के बाद अब राजपुर के लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें धूल और गड्डों वाली इस जर्जर सड़क से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।



