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उधारी के मात्र 5 हजार वापस मांगना महिला को पड़ा भारी, घर में घुसकर मारपीट करने वाले दो सगे भाई 24 घंटे में गिरफ्तार

रायगढ़/घरघोड़ा । किसी की मदद करना कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है, इसका ताजा उदाहरण घरघोड़ा थाना क्षेत्र में देखने को मिला है। एक बेवा महिला ने इंसानियत के नाते अपने ही परिचित को 5000 रुपये उधार दिए थे। लेकिन जब उसने अपने ही पैसे वापस मांगे, तो कर्जदार ने अपने भाई के साथ मिलकर महिला के घर में घुसकर उसके साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जमकर मारपीट भी की।

​हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए घरघोड़ा पुलिस ने भी तत्परता दिखाई और घटना के 24 घंटे के भीतर ही गुंडागर्दी करने वाले दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैहामुड़ा निवासी 42 वर्षीय प्रार्थिया धनेश्वरी साहू (पति स्वर्गीय घनश्याम साहू) छाल रोड पर अपने घर से लगे हुए एक ढाबे का संचालन कर अपना जीवन यापन करती हैं। लगभग एक साल पहले उन्होंने परिवार के ही परिचित जितेन्द्र साहू को जरूरत पड़ने पर 5,000 रुपये की उधारी दी थी। लेकिन जब भी महिला अपने पैसे वापस मांगती, जितेन्द्र हीलाहवाली करते हुए टालमटोल कर जाता।

“कितना पैसा दिए हो रे” बोलकर टूट पड़े दोनों भाई

सोमवार, 08 जून 2026 की शाम करीब 4 बजे जितेन्द्र साहू अपने 19 वर्षीय भाई राजेन्द्र साहू के साथ अचानक महिला के ढाबेनुमा घर में आ धमका। दोनों भाइयों ने “कितना पैसा दिए हो रे” कहते हुए महिला के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब बेवा महिला ने इस गुंडागर्दी का विरोध किया, तो दोनों भाइयों ने उसके साथ बेदम मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर वहां से निकल गए।

घरघोड़ा पुलिस का एक्शन, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

डरी-सहमी पीड़िता ने तुरंत घरघोड़ा थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 190/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 296, 351(3), 115(2) एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया।

​वरिष्ठ अधिकारियों के कड़े निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और आरोपी जितेन्द्र साहू (21 वर्ष) तथा राजेन्द्र साहू (19 वर्ष) दोनों निवासी बैहामुड़ा को हिरासत में ले लिया। पर्याप्त साक्ष्य और पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।