रायगढ़, 31 मई। रायगढ़ पुलिस महकमे के लिए रविवार का दिन बेहद भावुक और यादगार रहा। 42 वर्षों तक खाकी वर्दी में पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा करने वाले सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) देव प्रसाद चौहान 62 वर्ष की आयु पूरी कर पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर पुलिस लाइन उर्दना में एक गरिमामय सेवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां एसएसपी शशि मोहन सिंह ने उन्हें शॉल, नारियल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
1984 में शुरू हुआ था सफर
मार्च 1984 में एक आरक्षक के रूप में जिला पुलिस बल का हिस्सा बने देव प्रसाद चौहान का करियर बेहद शानदार और बेदाग रहा। चार दशकों के इस लंबे और चुनौतीपूर्ण सफर में उन्होंने कुनकुरी, बगीचा (वर्तमान जशपुरनगर), सारंगढ़, कोसीर (वर्तमान सारंगढ़-बिलाईगढ़), धरमजयगढ़, कोतवाली, तमनार, पूंजीपथरा, जूटमिल, कोतरारोड और लैलूंगा जैसे विभिन्न थानों में अपनी अहम सेवाएं दीं। अपनी सेवानिवृत्ति के समय वे लैलूंगा थाने में पदस्थ थे। इससे एक दिन पूर्व लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव और पूरे स्टाफ ने भी उन्हें भावपूर्ण विदाई देते हुए उनके सुखद जीवन की कामना की थी।
विदाई समारोह में छलक पड़े आंसू
उर्दना पुलिस लाइन में आयोजित सम्मान समारोह में जब देव प्रसाद चौहान अपने चार दशक के अनुभवों को साझा कर रहे थे, तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने पुलिस विभाग में बिताए गए अपने लंबे समय और अनुभवों को जीवन की सबसे अमूल्य पूंजी बताया। इस आत्मीय कार्यक्रम में एसएसपी शशि मोहन सिंह के साथ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रकाश मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर और रक्षित निरीक्षक अमित सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। समारोह में चौहान का परिवार भी उपस्थित था।
‘ड्यूटी सिर्फ नौकरी नहीं, राष्ट्र के प्रति समर्पण है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने देव प्रसाद चौहान की कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा कोई साधारण नौकरी नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति एक बड़ा दायित्व है।
एसएसपी ने चौहान से मुखातिब होते हुए कहा कि ड्यूटी की व्यस्तता के कारण जो वक्त वे अपने परिवार और अपने शौक को नहीं दे पाए, अब उस कमी को पूरा करने का समय आ गया है। उन्होंने चौहान को परिवार के साथ समय बिताने और जीवन के हर पल का आनंद लेने की सलाह दी। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि भविष्य में रायगढ़ पुलिस हमेशा एक परिवार की तरह उनके साथ खड़ी रहेगी, उन्हें जब भी आवश्यकता हो, वे बेझिझक संपर्क कर सकते हैं।



