रायगढ़: विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच रायगढ़ जिले के लैलूंगा-पत्थलगांव मुख्य मार्ग पर स्थित राजपुर की सड़क सच्चाई बयां कर रही है। पिछले कई सालों से गड्ढों में तब्दील हो चुकी इस सड़क ने अब आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। सालों से सिर्फ कोरे आश्वासन और बहानेबाजी झेल रही जनता ने अब प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
ग्राम झारन (लैलूंगा) के निवासी रवि भगत के नेतृत्व में प्रशासन को एक कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है। 7 जुलाई 2026 को लैलूंगा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 11 जुलाई (शनिवार) तक इस जर्जर सड़क को चलने लायक बनाने के लिए निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो 12 जुलाई (रविवार) को राजपुर बाजार के पास उग्र चक्का जाम किया जाएगा।
रात के अंधेरे में छिपा है असली दर्द
यूट्यूब पर सामने आए वीडियो में ज़मीनी हकीकत का जो मंज़र दिखता है, वह किसी को भी विचलित कर सकता है। रात के 9 बजे राजपुर की उसी बदहाल सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर रवि भगत ने जो पीड़ा व्यक्त की, वह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर राहगीर की है।
उन्होंने एक बेहद मार्मिक सवाल उठाते हुए कहा, “सोचिए रात के वक्त कोई छात्र परीक्षा देने रायपुर जा रहा हो, या कोई गंभीर मरीज एंबुलेंस में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहा हो… अगर इस जर्जर सड़क के कारण कोई एंबुलेंस फंस जाए और किसी की सांसें रुक जाएं, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?” यह सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि उस खौफनाक हकीकत का आईना है जिससे यहाँ की जनता रोज़ रूबरू होती है।
बहानेबाजी से ऊब चुकी है जनता
प्रशासनिक रवैये पर सवाल उठाते हुए रवि भगत बताते हैं कि जब भी सड़क निर्माण की बात आती है, तो प्रशासन मुआवजे और कोर्ट केस का तर्क देकर पल्ला झाड़ लेता है। लेकिन एक आम नागरिक, स्कूली बच्चे या व्यापारी को इन तकनीकी पेंचों से क्या मतलब? उन्हें तो बस एक ऐसी सड़क चाहिए जिस पर वे बिना अपनी जान जोखिम में डाले सफर कर सकें। आए दिन यहाँ दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है।
जनता से भावुक अपील: “घरों में सोए रहे तो कभी नहीं बनेगी सड़क”
रवि भगत ने क्षेत्र की जनता से हाथ जोड़कर एक बेहद प्रभावशाली और भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि अब घरों में छिपकर बैठने या चुपचाप तमाशा देखने का वक्त चला गया है। अगर लोग अपनी तकलीफों को लेकर सड़क पर नहीं उतरे, तो यह सड़क कभी नहीं बनेगी। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि 12 जुलाई, दिन रविवार को भारी संख्या में राजपुर बाजार के पास पहुंचें और इस आंदोलन को सफल बनाकर प्रशासन को सड़क बनाने के लिए मजबूर करें।



