रायगढ़। जिले में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गए हैं। शुक्रवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह की मौजूदगी में एक अहम समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने जहां धरना-प्रदर्शनों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं, वहीं सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और नशा कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए बड़ा ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है।
बिना अनुमति रैली-जुलूस निकाला तो होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के पेंच कसते हुए स्पष्ट किया कि सूचना तंत्र को मजबूत रखा जाए ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित जगह तय करने के निर्देश दिए हैं। अब जिले में बिना पूर्व अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस या धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों पर प्रशासन नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करेगा।
नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, कूरियर और पार्सल की भी होगी चेकिंग
बैठक में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिले से गांजा, सूखा नशा और अवैध शराब के सफाए के लिए सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मादक पदार्थों का धंधा करने वालों की लिस्ट बनाकर उन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाए। पुलिस और राजस्व विभाग अब मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट, कूरियर, गोदामों और यहां तक कि ई-कॉमर्स कंपनियों से आने वाले संदिग्ध पार्सलों की भी सघन चेकिंग करेंगे।
दुर्घटना में जान बचाने वाले ‘राह-वीर’ को मिलेंगे 25 हजार रुपये
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का आंकड़ा कम करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। बैठक में “राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना” की जानकारी दी गई। इसके तहत अगर कोई भी नागरिक किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती अहम समय) में अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाता है, तो उसे भारत सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। ऐसे मददगार नागरिकों को पुलिस या कानूनी पचड़ों में नहीं पड़ना होगा।
ब्लैक स्पॉट्स सुधरेंगे, हाईटेक हुआ डायल-112
यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोड़ातराई, ऊर्दना तिराहा जैसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य तेजी से चल रहे हैं। ओवरस्पीड और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आपातकालीन सेवा डायल-112 को पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस और स्मार्ट मोबाइल टर्मिनल्स जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस कर दिया गया है। अब पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी सभी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म से तुरंत मिल सकेंगी।
औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों के स्वास्थ्य पर फोकस
रायगढ़ जिले के औद्योगिक स्वरूप को देखते हुए उद्योगों में भी सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन के निर्देश दिए गए हैं। बढ़ती गर्मी को देखते हुए कारखानों में मजदूरों के लिए ठंडे पानी, ओआरएस और नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। साथ ही, किसी श्रमिक की मृत्यु पर उसके आश्रितों को मुआवजा और अनुकंपा नियुक्ति जैसे मामलों को भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एडीएम अपूर्व प्रियेश, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, सीएसपी मयंक मिश्रा सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।



