रायगढ़ | चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर रायगढ़ अंचल के लिए एक बेहद अनोखी और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। शहर के दरोगा पारा, देवघर अपार्टमेंट निवासी युवा डॉ. रोशन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की धरा पर विश्व की सबसे छोटे कद की ‘पुंगनूर’ गाय लाकर इतिहास रच दिया है। वे इस दुर्लभ प्रजाति को विशेष रूप से आंध्र प्रदेश से लेकर आए हैं।
पुंगनूर गाय की खास बातें: जो इसे बनाती हैं ‘असाधारण’
यह गाय केवल अपनी लंबाई के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी दैवीय और औषधीय विशेषताओं के लिए भी जानी जाती है:
- कद और वजन: इस गाय की ऊंचाई मात्र डेढ़ फीट है और वजन लगभग 20 से 25 किलोग्राम है, जो इसे किसी खिलौने जैसा आकर्षक बनाती है।
- दूध की गुणवत्ता: पुंगनूर गाय का दूध अत्यधिक पौष्टिक माना जाता है। इसमें औषधीय गुण होते हैं और वसा (Fat) की मात्रा सामान्य गायों (3-4%) की तुलना में कहीं अधिक (8% तक) होती है।
- रखरखाव: अपनी सौम्य प्रकृति के कारण इसे पालना बहुत आसान है। यह कम चारे में भी स्वस्थ रहती है और घरेलू वातावरण में आसानी से ढल जाती है।
- सांस्कृतिक महत्व: दक्षिण भारत के मंदिरों, विशेषकर तिरुपति बालाजी में इस गाय के दूध का अभिषेक के लिए विशेष महत्व है।

छत्तीसगढ़ में पहली बार
रायगढ़ में यह अपनी तरह की पहली गाय है। डॉ. रोशन अग्रवाल का कहना है कि वे इस विलुप्त होती प्रजाति के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहते थे। नवरात्रि के शुभ दिन इसका आगमन पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस ‘नन्ही गौ माता’ के दर्शन के लिए उत्सुक हैं।



