दुर्ग/रायगढ़ । दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल के राज्य स्तरीय अधिवेशन और वार्षिक आम सभा में रायगढ़ को एक बड़ी और अहम जिम्मेदारी मिली है। चुनाव में रायगढ़ के विवेक सारस्वत को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है, जबकि रायपुर के गोपाल कृष्ण तावनिया प्रदेश महासचिव चुने गए हैं। यह पूरे अंचल के कर सलाहकारों और अधिवक्ताओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
इस राज्य स्तरीय अधिवेशन में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़ और जांजगीर समेत प्रदेश भर से सीए, सीएमए, कर सलाहकार और अधिवक्ताओं ने भारी संख्या में शिरकत की।
जीएसटी के जटिल पहलुओं पर विशेषज्ञ चर्चा
अधिवेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर छत्तीसगढ़ जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल (केंद्रीय जीएसटी) के तकनीकी सदस्य सतीश अग्रवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता मूलचंद जैन ने की। वहीं तकनीकी सत्र की कमान राजेश्वर राव ने संभाली।
तकनीकी सत्र में मुख्य रूप से जीएसटी से जुड़े कई अहम और ज्वलंत विषयों पर गहन मंथन हुआ। विशेषज्ञ वक्ता के रूप में पहुंचे अधिवक्ता संजय शर्मा ने जीएसटी अधिनियम 2017 के विभिन्न प्रावधानों, विशेषकर निरीक्षण (Inspection), तलाशी (Search) और जब्ती (Seizure) से जुड़े कानूनी पहलुओं और बारीकियों को विस्तार से साझा किया।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई चुनाव प्रक्रिया
अधिवेशन के दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ टैक्स बार कौंसिल का वार्षिक चुनाव कराया गया। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की जिम्मेदारी मूलचंद जैन, सुरेश लाल, अशोक अग्रवाल और लढ्ढा जी ने निभाई। इनकी देखरेख में वर्ष 2026-28 के लिए नई कार्यकारिणी का शांतिपूर्ण ढंग से गठन हुआ।

वर्ष 2026-28 के लिए नवनिर्वाचित पदाधिकारी:
- प्रदेश अध्यक्ष: अधिवक्ता विवेक सारस्वत (रायगढ़)
- महासचिव: अधिवक्ता गोपाल कृष्ण तावनिया (रायपुर)
- उपाध्यक्ष: कमल किशोर साहू, राजेश दीवान, और महेंद्र पंसारी
- कोषाध्यक्ष: दुर्गा शंकर साहू
- सहसचिव: सतीश अग्रवाल और सत्य प्रकाश मिश्रा
- प्रचार सचिव: भरत अम्बवानी
- अंकेक्षक (ऑडिटर): सीए अरविन्द चंद सुराना
आयोजकों का जताया आभार
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद नवनिर्वाचित महासचिव गोपाल कृष्ण तावनिया ने अधिवेशन की सफलता का श्रेय दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन को दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश मिश्रा और शिव सोनी के नेतृत्व में जिस तरह से बेहतरीन और गरिमामय व्यवस्थाएं की गईं, वे निश्चित ही सराहनीय और धन्यवाद के पात्र हैं।



