रायगढ़। जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नकेल कसते हुए चक्रधरनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतरलिया मेन रोड पर दिनदहाड़े राहगीर से मोबाइल झपटमारी करने वाले शातिर चाचा-भतीजे की जोड़ी को पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धर दबोचा है। आरोपियों की पहचान छातामुड़ा निवासी दिनेश यादव (34 वर्ष) और उसके 18 वर्षीय भतीजे शुभम यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटा गया एक वीवो स्मार्टफोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस वारदात का शिकार इण्डस एनर्जी के कर्मचारी लोकेश कुमार चन्द्रा हुए थे। बीते 30 मई 2026 को जब वे डीपीएस स्कूल, कोतरलिया के पास अपनी खराब स्कूटी के पास सड़क किनारे खड़े थे, तभी इन बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर दो मोबाइल छीन लिए थे। थाना चक्रधरनगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली और संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि भागते वक्त सैमसंग का एक मोबाइल गिरकर टूट गया था, जिसे सबूत मिटाने की नीयत से उन्होंने चलती मालगाड़ी के डिब्बे में फेंक दिया था, जबकि वीवो मोबाइल को अपने पास छिपाकर रख लिया था।
थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा और उनकी टीम की इस उत्कृष्ट विवेचना से जिले में अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश गया है। इस अहम खुलासे पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि रायगढ़ में लूटपाट और झपटमारी करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। रायगढ़ सृष्टि के माध्यम से आमजनों को आश्वस्त करते हुए एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और ऐसे अपराधियों को ह्यूमन इंटेलिजेंस व तकनीकी साक्ष्यों की मदद से खोजकर हर हाल में कानून के कठोर शिकंजे में लाया जाएगा।



