रायगढ़, 14 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर कड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत चक्रधरनगर थाना पुलिस ने एक शातिर अंतर-जिला वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने संगठित तरीके से वाहन चोरी करने वाले पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब ₹9 लाख मूल्य की 21 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
कैसे खुला राज?
इस बड़ी कार्रवाई की नींव 11 जुलाई 2026 को पड़ी। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) मयंक मिश्रा ने चक्रधरनगर पुलिस को वाहन चोरों की धरपकड़ के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के निर्देश दिए थे।
इसी बीच, मुखबिर से सूचना मिली कि मेडिकल कॉलेज रोड पर दो संदिग्ध युवक चोरी की बाइक बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और अनिल मिश्रा तथा अमृत बहादुर नाम के दो युवकों को हिरासत में लिया। जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपने तीन अन्य साथियों (बोलो निषाद, चंद्रकुमार तिवारी और चंदन राय) के साथ मिलकर चोरी करने की बात कबूल ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेहरू गार्डन के पास से बाकी तीन आरोपियों को भी धर दबोचा।
भीड़भाड़ वाले इलाके थे निशाना (Modus Operandi)
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुख्य रूप से हीरो स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स जैसी बाइकों को निशाना बनाते थे।
- तरीका: गिरोह के सदस्य कमला नेहरू पार्क जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करते थे और मौका पाकर मास्टर चाबी से लॉक तोड़कर बाइक उड़ा ले जाते थे।
- नेटवर्क: यह गिरोह रायगढ़, कोरबा, सक्ती जिले के डभरा-मालखरौदा और पड़ोसी राज्य ओडिशा के बरगढ़ तक फैला हुआ था। चोरी की बाइकों को ये आपस में बांटकर अलग-अलग जगहों पर छिपा देते थे।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 21 चोरी की बाइकें बरामद की हैं:
- अनिल मिश्रा (निवासी मिठ्ठूमूड़ा, रायगढ़) – 10 बाइक
- बोलो निषाद (निवासी बड़े मानिकपुर, सारंगढ़) – 5 बाइक
- चंद्रकुमार तिवारी (निवासी राधापुर, सक्ती) – 4 बाइक
- अमृत बहादुर (निवासी रैरूंमा, धरमजयगढ़) – 2 बाइक
- चंदन राय (निवासी आईटीआई कॉलोनी, रायगढ़)
(नोट: गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।)
लगाई गईं संगठित अपराध की धाराएं
चूंकि यह गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ लंबे समय से वारदातों को अंजाम दे रहा था (आरोपी चंदन राय 2015 से और अनिल मिश्रा भी पूर्व में बाइक चोरी में संलिप्त रहे हैं), इसलिए पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है।
प्रारंभिक रिपोर्ट (कमला नेहरू पार्क से चोरी हुई बाइक क्रमांक CG-11-AM-7998) के आधार पर दर्ज धारा 303(2) BNS में अब संगठित अपराध की धाराएं 112(2) एवं 3(5) BNS भी जोड़ दी गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।



