रायगढ़। अवैध गतिविधियों और माफियाओं के खिलाफ जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत रायगढ़ पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। अवैध शराब के बाद अब छाल पुलिस ने कबाड़ माफियाओं की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक 6 चक्का माजदा वाहन से लगभग 8.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़ जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कबाड़ और वाहन सहित कुल 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के कड़े निर्देशों तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में छाल पुलिस लगातार अपराधियों पर नकेल कस रही है। बुधवार, 8 जुलाई को थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि हाटी क्षेत्र से एक 6 चक्का ट्रक में भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप भरकर छाल होते हुए घरघोड़ा की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तुरंत थाना बैरियर पर नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी।
दस्तावेज नहीं दिखा पाया चालक, 22 लाख का माल जब्त
जांच के दौरान पुलिस टीम ने महिंद्रा 6 चक्का वाहन (क्रमांक CG-12 BD-1623) को रोककर तलाशी ली। तिरपाल हटाते ही पुलिस को अंदर भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप, एंगल, टीना और अन्य कबाड़ सामग्री मिली।
जब पुलिस ने चालक से इस कबाड़ के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। पूछताछ में आरोपी चालक ने अपना नाम तौफिक खान (19 वर्ष), निवासी- सरस्वती स्कूल के पास, चौकी सीएसईबी, जिला कोरबा बताया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गवाहों की मौजूदगी में लगभग 8 टन 500 किलोग्राम लोहे का स्क्रैप (अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये) और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे महिंद्रा 6 चक्का वाहन (अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये) को जब्त कर लिया।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ धारा 35(क), 35(ड) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि यह कबाड़ कहां से लाया गया था और इसका असली मालिक कौन है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू प्रसाद पाण्डेय, आरक्षक राजेश राठौर, सतीश जगत और भगवती प्रसाद लक्ष्मे सहित छाल थाने के अन्य स्टाफ की अहम भूमिका रही।



