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नशा और सट्टेबाजों की अब खैर नहीं! रायगढ़ पुलिस ने फूंका बिगुल, ‘जन संवाद’ से होगा शहर का शुद्धीकरण

“संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” थीम पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने किया महा-मंथन का शंखनाद; युवाओं के पुनर्वास पर होगा फोकस।

रायगढ़ : जिले में नशे के सौदागरों और जुआ-सट्टा खिलाने वालों के खिलाफ अब एक बड़ी सामाजिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ होने जा रही है। पिछले पांच महीनों से इन अवैध कारोबारियों की कमर तोड़ रही रायगढ़ पुलिस ने अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर ला दिया है। “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” के महा-संकल्प के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने अब सीधे आम जनता से इस मोर्चे पर साथ आने की अपील की है।

हर वार्ड में गूंजेगी आवाज, नहीं बचेंगे अपराधी

​शुक्रवार (3 जुलाई) को आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई तो जारी रहेगी, लेकिन इस सामाजिक नासूर को जड़ से खत्म करने के लिए जनभागीदारी सबसे बड़ा हथियार है। इसी रणनीति के तहत 4 जुलाई को ‘पुलिस जन संवाद’ का बड़ा आयोजन किया जा रहा है।

​इसका सीधा मकसद शहर के हर वार्ड में पुलिस और पब्लिक का सीधा नेटवर्क स्थापित करना है। अब आम नागरिक बेखौफ होकर सीधे पुलिस को सटोरियों और नशे के सौदागरों की सटीक जानकारी दे सकेंगे। पुलिस की इस आक्रामक और जन-केंद्रित कार्ययोजना को जल्द ही खरसिया नगर पालिका में भी लागू करने की तैयारी चल रही है।

सिर्फ जेल नहीं, पुनर्वास का भी है सॉलिड प्लान

​इस अभियान की सबसे खास और अलग बात यह है कि पुलिस सिर्फ डंडे के जोर पर नहीं, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका में भी काम करेगी। एसएसपी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी शक्तिशाली ‘ज्वाइंट एक्शन कमेटी’ बनाने पर मंथन होगा, जो नशे और सट्टे के दलदल में फंस चुके युवाओं का हाथ थामेगी।

​इस वृहद समिति में पुलिस, प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, वकील, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी और एनजीओ (NGO) शामिल होंगे। यह टीम भटके हुए युवाओं को सिर्फ इस दुष्चक्र से बाहर ही नहीं निकालेगी, बल्कि उन्हें रोजगार से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाएगी।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा और स्पष्ट संदेश:

“नशा और जुआ-सट्टा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारे समाज के सामने एक गंभीर चुनौती है। हमारा लक्ष्य सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि युवाओं को इस अंधेरी गिरफ्त से बाहर निकालकर उन्हें नई जिंदगी देना है। पुलिस के एक्शन के साथ अगर समाज की ताकत जुड़ जाए, तो यही इसका एकमात्र स्थायी समाधान है।”

रायगढ़वासियों से अपील:

रायगढ़ पुलिस ने शहर के हर जागरूक नागरिक से अपील की है कि वे 4 जुलाई को होने वाले “पुलिस जन संवाद” में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। अपने बेबाक सुझाव दें और एक सुरक्षित, स्वच्छ व संस्कारवान रायगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।