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हाथ में  तलवार और सिर पर सवार थी सनक: पड़ोसी के घर घुसकर मचाया तांडव, पुलिस ने चंद घंटों में निकाला गुंडागर्दी का भूत

रायगढ़ । जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में एक युवक की सनक और गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 18 वर्षीय युवक ने हाथ में नंगी तलवार लेकर न सिर्फ अपने पड़ोसी के घर में घुसकर जमकर तांडव मचाया, बल्कि घर में खड़ी गाड़ियों में भी भारी तोड़फोड़ की। हालांकि, इस घटना के बाद पुसौर पुलिस ने भी अपना कड़ा रुख दिखाते हुए चंद घंटों के भीतर ही इस ‘तलवारबाज’ को गिरफ्तार कर जेल की हवा खिला दी है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना थाना पुसौर के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोडेकेला की है। गांव के ही रहने वाले 32 वर्षीय संतोष पटेल (पिता चक्रधर पटेल) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि बीते 16 मई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे, उनके पड़ोस में रहने वाला मृत्युंजय बिशी अचानक लोहे की धारदार तलवार लेकर उनके घर के अहाते में घुस आया।

​आरोपी के सिर पर इस कदर खून सवार था कि उसने बिना कुछ सोचे-समझे घर के परिसर में खड़ी बोलेरो (CG 10 AE 9117) और एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (CG 13 AH 6481) पर तलवार से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।

जान बचाकर भागा पीड़ित

जब संतोष पटेल ने अपनी आंखों के सामने इस खौफनाक मंजर को देखा और आरोपी को रोकने की कोशिश की, तो मृत्युंजय गालियां बकते हुए तलवार लेकर उसी की तरफ दौड़ पड़ा। खुद को मौत के मुंह में देख संतोष ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इस हिंसक घटना में दोनों वाहनों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस की त्वरित और सख्त कार्रवाई

इस खौफनाक घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुसौर पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। टीआई हर्षवर्धन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए आरोपी की घेराबंदी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मृत्युंजय बिशी (पिता स्व. केशव बिशी, उम्र 18 वर्ष 03 माह, निवासी सोडेकेला) को हिरासत में ले लिया।

​पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने कड़ाई बरती तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई वह धारदार तलवार भी बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 135/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 296, 351(3), 324(4) और 25, 27 आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।