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अलविदा ‘अमित शुक्ला’: खाकी का रौब और वो नेकदिल मुस्कान, सब कुछ पीछे छोड़ गए होनहार TI

रायगढ़: पुलिस महकमे और उनके चाहने वालों के लिए आज का दिन एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर लेकर आया। अपनी एक लंबी बीमारी से बहादुरी से लड़ते हुए, पुलिस विभाग के होनहार और तेज-तर्रार युवा निरीक्षक अमित शुक्ला आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। कुछ समय पूर्व ही पिथौरा में अपनी सेवाएं देने वाले अमित जी का इस तरह अल्पायु में चले जाना, हर उस शख्स को झकझोर गया है जो उन्हें जानता था।

वर्दी में कड़क रौब, भीतर एक नेकदिल इंसान

पुलिस विभाग में अमित शुक्ला की पहचान एक ऐसे अफसर की थी, जो अपराधियों के लिए जितने कड़क और रौबदार थे, आम जनता और अपने साथियों के लिए उतने ही संवेदनशील और व्यवहार कुशल थे। खाकी वर्दी पहनकर जब वो फील्ड पर होते, तो उनके उसूल और सख्ती साफ नजर आती थी, लेकिन उस सख्त मिजाज के पीछे एक बेहद ज़िंदादिल इंसान छिपा था। उनके जूनियर हों या सीनियर, हर कोई उनके अपनत्व और मिलनसार स्वभाव का कायल था।

अधूरी रह गई वापसी की उम्मीद

बीमारी के उस मुश्किल दौर में भी उनके करीबियों और परिजनों को यही आस थी कि उनका ‘अमित भैया’ हर बार की तरह इस बार भी मुश्किलों को मात देकर वापस लौट आएगा। लेकिन नियति के आगे किसी का जोर नहीं चला और आज वह सब कुछ पीछे छोड़कर इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए।

​पुलिस विभाग ने आज सिर्फ एक होनहार और कर्मठ निरीक्षक ही नहीं खोया है, बल्कि उनके परिचितों ने एक सच्चा दोस्त, एक मार्गदर्शक और एक बेहतरीन इंसान खो दिया है।

रायगढ़ सृष्टि परिवार की ओर से इस जांबाज और नेकदिल पुलिस ऑफिसर को विनम्र श्रद्धांजलि। नम आंखों से बस यही आवाज निकल रही है- अलविदा अमित भैया, आप बहुत याद आओगे।