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अंधे कत्ल का पर्दाफाश: जूनियर वकील की हत्या का हुआ खुलासा, प्यार में मिले धोखे और खौफनाक साजिश से रायगढ़ पुलिस ने उठाया पर्दा, कातिल प्रेमी गिरफ्तार

रायगढ़ : रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की खौफनाक गुत्थी पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा ली है। एक महिला अधिवक्ता को अपने विवाहित प्रेमी से शादी की जिद करने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। जब प्रेमिका ने शादी का दबाव बनाया, तो प्रेमी ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली और बेरहमी से उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया।

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने शनिवार को कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया।

जंगल में मिली थी लाश, कपड़ों से हुई शिनाख्त

​बीती 12 मई को पूंजीपथरा पुलिस को ग्राम कोटवार अयोध्या प्रसाद माझी से सूचना मिली थी कि कटेल टिकरा जंगल में एक अज्ञात महिला का शव नग्न अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी और थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के साथ एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची।

​पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ धारा 103(1) और 238 बीएनएस (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया। जांच के दौरान चक्रधरनगर थाने में दर्ज एक गुमशुदगी की रिपोर्ट ने पुलिस को अहम सुराग दिया। मौके से मिले कपड़ों, सैंडल और तस्वीरों के जरिए मृतका की पहचान लैलूंगा के केकराझरिया निवासी 31 वर्षीय अधिवक्ता आराधना सिदार के रूप में हुई।

सीसीटीवी और बाइक नंबर ने खोला राज

​पहचान पुख्ता होने के बाद पुलिस ने मृतका के कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई, जिसमें एक युवक बाइक पर मृतका को अपने साथ ले जाते हुए नजर आया। इसी बाइक के नंबर ने पुलिस को सीधे कातिल तक पहुंचा दिया और सक्ती जिले के चारपारा निवासी 30 वर्षीय लोकनाथ पटेल को हिरासत में लिया गया।

फर्जी नाम से लॉज में रुका, फिर की हत्या

​पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी लोकनाथ पटेल टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि पिछले दो साल से उसका आराधना के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। आरोपी पहले से शादीशुदा था, लेकिन आराधना लगातार उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

​रोज-रोज के विवाद से तंग आकर लोकनाथ ने खौफनाक साजिश रची:

  • 9 मई: आरोपी ने आराधना से बात कर अगले दिन मिलने का प्लान बनाया।
  • 10 मई: वह आराधना को बाइक पर सक्ती और दमाऊधारा मंदिर घूमाने ले गया। शाम को दोनों सक्ती के एक लॉज में रुके, जहां आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए रजिस्टर में अपना फर्जी नाम दर्ज कराया।
  • 11 मई: सुबह वह आराधना को बाइक से पूंजीपथरा के सुनसान कटेल टिकरा जंगल ले गया। वहां मौका पाकर पहले उसने आराधना का गला दबाकर उसे बेहोश किया, फिर पत्थर और धारदार हथियार से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

बचने के लिए प्रेमिका की आवाज निकालकर करता रहा बात

​हत्या के बाद आरोपी ने घटनास्थल से खून साफ कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस और परिवार की आंखों में धूल झोंकने के लिए वह मृतका का मोबाइल अपने साथ ले गया। शक से बचने के लिए वह फोन पर लड़की की आवाज निकालकर आराधना की बहन और उसकी सहेलियों से बात करता रहा, ताकि किसी को अनहोनी की भनक न लगे।

​पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल, घटना के वक्त पहने कपड़े और अन्य अहम सुबूत बरामद कर लिए हैं। आरोपी लोकनाथ पटेल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव और एएसआई उमाशंकर विश्वाल सहित उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।

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