रायगढ़। जिले में सटोरियों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ की धमक अब अपराधियों के दिलों में साफ दिखाई दे रही है। पुलिस की लगातार दबिश और तकनीकी घेराबंदी का ही नतीजा है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का मुख्य सरगना पिंटू हलवाई आखिरकार घुटने टेकने को मजबूर हो गया। गुरुवार को वह छिपते-छिपाते सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और एसएसपी के सामने सरेंडर करते हुए अपराध की दुनिया छोड़कर नया जीवन शुरू करने की गुहार लगाई।
गिरफ्तारी के डर से भाग गया था उत्तराखंड, तोड़ दिया था मोबाइल
पुलिस के अनुसार, चांदमारी निवासी 43 वर्षीय पिंटू हलवाई (पिता कन्हैया लाल) पिछले कुछ समय से पुलिस के राडार पर था। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और अपने नेटवर्क से जुड़े गुर्गों की लगातार हो रही गिरफ्तारी से वह इस कदर खौफजदा था कि रायगढ़ छोड़कर उत्तराखंड भाग गया था। पुलिस उस तक न पहुंच सके, इसलिए उसने अपना मोबाइल फोन भी नष्ट कर दिया था। लेकिन रायगढ़ पुलिस के बढ़ते दबाव ने उसे छिपने नहीं दिया। अंततः हार मानकर उसने गिरफ्तारी से बचने के बजाय खुद सामने आना मुनासिब समझा।
एसएसपी की सख्त चेतावनी- “दोबारा सट्टा खिलाया तो खैर नहीं”
सरेंडर करने पहुंचे पिंटू को एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में वह दोबारा सट्टा, जुआ या किसी भी अवैध गतिविधि में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ ‘जिला बदर’ जैसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी देने के बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए सिटी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पत्नी और भतीजे के साथ मिलकर चला रहा था सट्टे का सिंडिकेट
थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 और 7 (अपराध क्रमांक 237/2026 एवं 238/2026) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में पिंटू ने कबूला कि वह अपनी पत्नी, भतीजे और अन्य साथियों के साथ मिलकर यह पूरा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट चला रहा था। यह गैंग व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए ग्राहकों से डील करता था और सारा लेन-देन यूपीआई के माध्यम से होता था। फिलहाल पुलिस ने उसके पास से 2000 रुपये नकद जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पहले भी हो चुकी है सट्टेबाजी नेटवर्क पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
गौरतलब है कि पिछले दिनों साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने इस सट्टा नेटवर्क के कई ठिकानों पर दबिश दी थी। तब पुलिस ने कई लोगों को दबोचा था और उनके पास से 2 लाख 69 हजार रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, महंगे स्मार्टफोन और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए थे। इस पूरे नेक्सस का मास्टरमाइंड पिंटू हलवाई ही था, जो तब से फरार चल रहा था।



