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रायगढ़: बर्तन दुकान की आड़ में सट्टे का खेल, पुलिस रेड में दो सटोरिये ढेर, भारी नकदी बरामद

पूंजीपथरा और साइबर सेल की संयुक्त स्ट्राइक: मोबाइल और नकदी समेत भारी मात्रा में सामान जब्त, मुख्य खाईवाल की तलाश तेज

रायगढ़ सृष्टि। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ ने जिले के सट्टा कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। मुखबिरों के जाल और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस ने ग्राम गेरवानी में चल रहे एक बड़े ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस दबिश ने यह साफ कर दिया है कि जिले में अपराध चाहे पर्दे के पीछे हो या किसी दुकान की आड़ में, पुलिस की नजरों से बच नहीं पाएगा।

दुकान के भीतर चल रहा था डिजिटल सट्टा

​जानकारी के अनुसार, 11 मई को पूंजीपथरा पुलिस और साइबर थाना की टीम को पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम गेरवानी स्थित एक बर्तन दुकान में मोबाइल के जरिए हार-जीत का दांव लगाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की और अचानक दबिश दी। मौके पर दो आरोपी, श्याम कुमार अग्रवाल और सुरेश अग्रवाल, मोबाइल फोन के माध्यम से सक्रिय रूप से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते पाए गए।

जब्ती और आरोपियों का कबूलनामा

​पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथ दबोचते हुए उनके पास से कुल 18,400 रुपये नगद और 4 स्मार्ट फोन जब्त किए हैं। सघन पूछताछ में मुख्य आरोपी श्याम कुमार अग्रवाल ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन और बारकोड (डिजिटल पेमेंट) के जरिए सट्टे का अवैध कारोबार कर रहे थे।

​आरोपियों ने खुलासा किया कि सट्टे की पूरी रकम गेरवानी निवासी मुख्य खाईवाल रामफल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस की आमद देख रामफल अग्रवाल मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश तेज कर दी है।

कानूनी कार्रवाई और टीम की भूमिका

​थाना पूंजीपथरा में दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 4 एवं 7 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. श्याम कुमार अग्रवाल (43 वर्ष), निवासी गेरवानी।
  2. सुरेश अग्रवाल (42 वर्ष), निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी, रायगढ़।

फरार आरोपी: रामफल अग्रवाल (तलाश जारी)।

कार्रवाई में शामिल जांबाज:

इस सफल रेड में पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, एएसआई उमाशंकर विश्वाल, नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक गजेन्द्र पैंकरा, बृजलाल गुर्जर, आरक्षक प्रशांत पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवार, हेमसागर पटेल और आदिकंद प्रधान की अहम और सराहनीय भूमिका रही।