रायगढ़, 10 मई । शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने और संपत्ति संबंधी अपराधों (चोरी, नकबजनी) पर नकेल कसने के लिए रायगढ़ पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों के बाद जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अपराधियों और उनके मददगारों की धरपकड़ तेज कर दी गई है।
इसी कड़ी में आज चक्रधरनगर पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए इलाके में सक्रिय 29 संदिग्ध कबाड़ियों और फेरीवालों को थाने लाकर उनकी सघन जांच की। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध धंधेबाजों और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है।
चोरी के मूल स्रोत पर प्रहार
लंबे समय से पुलिस को यह शिकायतें मिल रही थीं कि शहर की कॉलोनियों और सूने मोहल्लों में फेरीवाले या कबाड़ बीनने वाले बनकर घूमने वाले कुछ लोग दरअसल चोरी की वारदातों के लिए रेकी करते हैं। यही नहीं, ये लोग चोरी के सामान को खपाने और अवैध कबाड़ के कारोबार में भी अहम कड़ी का काम करते हैं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन और चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने गली-मोहल्लों में संदिग्ध रूप से घूम रहे ऐसे 29 लोगों को चिन्हित कर सीधा थाने तलब किया।
बायोमेट्रिक जांच और सख्त हिदायत
थाने में इन सभी संदिग्धों का पूरा बायोडाटा खंगाला गया। तफ्तीश को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने सभी 29 लोगों के फिंगरप्रिंट लिए हैं, ताकि राज्य और राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस से उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का मिलान किया जा सके।
थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने इन सभी को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वे अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें। यदि भविष्य में इलाके में कोई भी चोरी होती है या वे किसी भी अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने इन सभी संदिग्धों के खिलाफ थाना चक्रधरनगर में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की है।
पुलिस की इस सक्रियता और ‘ऑपरेशन प्रहार’ की आम जनता जमकर सराहना कर रही है, क्योंकि इससे शहर में होने वाली छोटी-बड़ी चोरियों पर सीधा अंकुश लगेगा।



