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रायगढ़ में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न: वित्त मंत्री ओपी चौधरी बोले- “यह दहेज प्रथा पर करारी चोट”

रायगढ़, 8 मई 2026: प्रदेश के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को पटेलपाली स्थित कृषि उपज मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह में शिरकत की। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच जब नवदंपतियों ने सात फेरे लिए, तो पूरा माहौल सामाजिक समरसता, सादगी और पारिवारिक सौहार्द से खिल उठा। मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सभी जोड़ों को उनके नए और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।

जिले भर में 150 जोड़ों का हुआ विवाह

शुक्रवार को जिले के अलग-अलग विकासखंडों में एक साथ सामूहिक विवाह के आयोजन हुए, जिसमें कुल 150 जोड़ों ने दांपत्य जीवन में कदम रखा। इनमें रायगढ़ में 45, खरसिया विकासखंड में 15, बंजारी धाम खरसिया में 30, लैलूंगा में 30 और धरमजयगढ़ में 30 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विवाह मंडपों की पारंपरिक सजावट से लेकर वर-वधू और उनके परिजनों के लिए सुविधाओं की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी।

दहेज प्रथा पर करारी चोट है यह अभियान

मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महज शादियां कराने तक सीमित नहीं है; यह समाज में समानता और सादगी का संदेश देने वाला एक बड़ा अभियान है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश देते हैं। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी गरीब या जरूरतमंद परिवार को पैसों की कमी के चलते अपनी बेटी के विवाह में कोई अड़चन न आए।

बिचौलियों की छुट्टी, सीधे खाते में जा रहा पैसा

सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता पर बात करते हुए चौधरी ने बताया कि अब व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। योजना के तहत हर जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से डाले जा रहे हैं। इससे बिचौलियों की कोई गुंजाइश नहीं बची है। बाकी की राशि वर-वधू के कपड़ों और विवाह की व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है।

वित्त मंत्री ने खोला पिटारा: 5-5 हजार का अतिरिक्त तोहफा

कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने रायगढ़ समारोह में मौजूद 45 दुल्हनों को अपने स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही यह रकम सीधे उनके खातों में पहुंच जाएगी।

‘रानी दुर्गावती योजना’ से संवरेगा बेटियों का भविष्य

इस मौके पर राज्य शासन की महत्वाकांक्षी “रानी दुर्गावती योजना” का भी जिक्र किया गया। ओ.पी. चौधरी ने बताया कि सरकार बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए यह नई पहल कर रही है। इसके तहत बेटी के जन्म के समय पंजीयन कराने पर, उसके 18 साल पूरे होने पर सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी, जो उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

गायत्री परिवार और प्रशासन की हुई सराहना

मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न कराने वाले गायत्री परिवार के सामाजिक सुधार और संस्कार रोपण के कार्यों की जमकर तारीफ की। साथ ही आयोजन को सफल बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम की पीठ थपथपाई। विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नवविवाहित जोड़ों को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।