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रायगढ़ में दिल दहला देने वाली घटना: 8 साल के बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका पिता, दुर्गा मंदिर में अपनी ही जीभ काटी

रायगढ़।  जिले के घरघोड़ा इलाके से एक ऐसी दर्दनाक और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यहां एक पिता अपने 8 साल के मासूम बेटे की अचानक हुई मौत का गहरा सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका। मानसिक विक्षिप्तता और भारी शोक में डूबे इस पिता ने आधी रात को दुर्गा मंदिर पहुंचकर अपनी ही जीभ काट ली। फिलहाल लहूलुहान पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

दस्तावेज लेने घर गया था पिता, लौटते ही उजड़ गई दुनिया

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घरघोड़ा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-5 स्थित एफसीआई गोदाम के पास रहने वाले सनत कुमार खांडे के 8 वर्षीय पुत्र रितेश कुमार की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। घबराए परिजन बच्चे को लेकर तुरंत घरघोड़ा के स्थानीय अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया और उसे बेहतर इलाज के लिए फौरन रायगढ़ रेफर कर दिया।

​अस्पताल की कागजी औपचारिकताओं के लिए सनत कुमार अपना आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लेने के लिए घर गए। लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर बाद जब सनत दस्तावेज लेकर वापस अस्पताल लौटे, तब तक उनके कलेजे का टुकड़ा हमेशा के लिए आंखें मूंद चुका था। बेटे का शव लेकर जब बेबस पिता घर पहुंचा, तो पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई और माहौल बेहद गमगीन हो गया।

रात भर सदमे में रहा पिता, सुबह 3 बजे उठाया खौफनाक कदम

आंखों के सामने जवान होते बेटे की इस तरह अचानक मौत ने सनत कुमार को अंदर तक तोड़ कर रख दिया। वह पूरी रात गहरे मानसिक तनाव और सदमे में रहे। इसी असहनीय पीड़ा के बीच, गुरुवार तड़के करीब 3 बजे वह चुपचाप घर से निकले और छाल रोड स्थित दुर्गा मंदिर पहुंच गए। बेटे को खोने के दुख और भावनाओं के अतिरेक में उन्होंने मंदिर में ही अपनी जीभ काट ली। जीभ कटने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और वे वहीं मंदिर परिसर में तड़पकर बेहोश हो गए।

सुबह दर्शनार्थियों ने देखा तो उड़े होश

कुछ देर बाद सुबह जब स्थानीय लोग मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, तो सनत कुमार को खून से लथपथ बेहोश पड़ा देखकर उनके होश उड़ गए। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना उनके परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे बदहवास परिजन आनन-फानन में उन्हें लेकर अस्पताल भागे, जहां तुरंत उनका इलाज शुरू किया गया।

​राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से सनत कुमार की हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। लेकिन एक ही दिन में इस परिवार पर टूटे इस दुखों के पहाड़ ने पूरे घरघोड़ा क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।