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खाकी का ऐसा खौफ कि बदल गया तस्कर का दिल: लैलूंगा के रब्बुल खान ने छोड़ी तस्करी की राह.. बोला- ‘साहब, अब मुख्यधारा में जीना है..!

रायगढ़ | 29 अप्रैल, 2026 रायगढ़ पुलिस द्वारा गौ-तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार पीछा किए जाने के कारण इलाके का कुख्यात गौवंश तस्कर रब्बुल खान (39 वर्ष), निवासी करवाजोर, लैलूंगा ने आखिरकार घुटने टेक दिए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

फरवरी से चल रहा था फरार

​मामला 17 फरवरी 2026 का है, जब लैलूंगा पुलिस ने झगरपुर मार्ग पर घेराबंदी कर रब्बुल के साथी देवानंद यादव को 16 गौवंशों के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। इन मवेशियों को क्रूरतापूर्वक ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। पूछताछ में रब्बुल खान को इस तस्करी का मास्टरमाइंड पाया गया था, जिसके बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

मुख्यधारा में लौटने की जताई इच्छा

​गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान रब्बुल खान ने चौकाने वाला बयान दिया। उसने पुलिस के समक्ष गौ-तस्करी के काले कारोबार से पूरी तरह तौबा करने और समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की इच्छा जताई। पुलिस इसे “ऑपरेशन शंखनाद” की एक बड़ी मनोवैज्ञानिक और नैतिक जीत मान रही है।

अपराध का लंबा रिकॉर्ड

​रब्बुल खान के विरुद्ध गौ-तस्करी के गंभीर मामले दर्ज हैं:

  • वर्ष 2023: एक मामला दर्ज।
  • वर्ष 2026: दो अलग-अलग तस्करी के मामले दर्ज।
  • कार्रवाई: आरोपी पर छत्तीसगढ़ कृषि परिरक्षण अधिनियम (धारा 4, 6, 10, 11) और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।