तमनार (रायगढ़) | 27 मार्च 2026 तमनार थाना क्षेत्र के सीएचपी चौक, लिबरा में धरना-प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ हुई अमानवीय व्यवहार और लूटपाट की घटना में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घटना का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संवेदनशील मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
वायरल वीडियो की जांच में खुला राज
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में की जा रही विशेष जांच के दौरान, घटना का वीडियो बनाने वाले आरोपी की पहचान संजय मेहर (निवासी बिजना) के रूप में हुई। आरोपी घटना के बाद से ही पुलिस से बचने के लिए छिपा हुआ था, जिसे घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी संजय ने स्वीकार किया कि उसने अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाया और उसे अपने साथी माधव गुप्ता उर्फ माधो बीसी (निवासी नागरामुडा) को भेजा। माधव, जो पेशे से टीवी मैकेनिक है, ने इस वीडियो को विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में फैलाकर महिला पुलिसकर्मी की गरिमा को ठेस पहुँचाई थी।
क्या था पूरा मामला?
गारे-पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान के विरोध में 12 दिसंबर 2025 से ग्रामीणों द्वारा लिबरा में आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। 27 दिसंबर 2025 को जब प्रशासन मार्ग बहाल कराने पहुँचा, तब भीड़ उग्र हो गई। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट, लूटपाट और अमानवीय व्यवहार किया गया था।
तमनार पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। इस मामले में पहले ही 7 आरोपियों (मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास, वनमाली राठिया, कन्हैया राठिया और चित्रसेन साहू) को जेल भेजा जा चुका है। ताजा गिरफ्तारी के बाद अब सभी 9 मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
गिरफ्तार नए आरोपियों का विवरण:
- संजय मेहर (26 वर्ष) – निवासी ग्राम बिजना (वीडियो बनाने वाला)
- माधव गुप्ता (40 वर्ष) – निवासी ग्राम नागरामुडा (वीडियो वायरल करने वाला)


