झारखंड के तस्करों ने छत्तीसगढ़ के तमनार को बनाया था ठिकाना; 60 हजार से ज्यादा अफीम के पौधे और 3 किलो तैयार अफीम जब्त
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम आमाघाट में की जा रही अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 2 करोड़ 5 लाख 10 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी मार्शल संगा (निवासी झारखंड) को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके दो साथी फिलहाल फरार हैं।
आधी रात को पुलिस की घेराबंदी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम आमाघाट के भैर नाला किनारे स्थित खेतों में बड़े पैमाने पर अफीम उगाई जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और तमनार, पूंजीपथरा व लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने 19-20 मार्च की दरमियानी रात इलाके की घेराबंदी कर रेड मारी।
कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी मार्शल संगा को मौके से हिरासत में लिया गया, जबकि उसके दो सहयोगी इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा (निवासी खूंटी, झारखंड) अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
जब्ती का विवरण और बाजार मूल्य
राजस्व, कृषि और एफएसएल (FSL) की टीमों की मौजूदगी में पुलिस ने खेत से भारी मात्रा में फसल और तैयार माल बरामद किया:
- अफीम के पौधे: 60,326 नग (वजन 2,877 किलोग्राम) – बाजार मूल्य करीब 1.90 करोड़ रुपये।
- तैयार अफीम: आरोपी के ससुराल (आमाघाट) में दबिश देकर 3.02 किलोग्राम तैयार अफीम बरामद की गई – बाजार मूल्य 15.10 लाख रुपये।
- कुल जब्ती: ₹2,05,10,000/- (दो करोड़ पांच लाख दस हजार रुपये)
निजी और सरकारी जमीन का अवैध उपयोग
राजस्व विभाग की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अफीम की खेती 5 अलग-अलग खसरा नंबरों पर की जा रही थी। इसमें केलो परियोजना की सरकारी जमीन के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों (विराज, प्रवीण, उर्मिला, महंत, दयानंद, हेमंत आदि) के नाम पर दर्ज निजी भूमि भी शामिल है। पुलिस अब इस पहलू की जांच कर रही है कि यह खेती जमीन मालिकों की जानकारी में थी या आरोपियों ने उन्हें गुमराह कर इस जमीन पर कब्जा किया था।
झारखंड से जुड़े हैं तार
पकड़ा गया मुख्य आरोपी मार्शल संगा मूल रूप से झारखंड के खूंटी जिले का रहने वाला है। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से रायगढ़ के ग्रामीण इलाकों को नशे की सप्लाई का केंद्र बनाने की फिराक में थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8(B) और 18 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड सहित अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।


