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झारखंड से आया, रायगढ़ के ससुराल में डेरा जमाया और उगा दी अफीम की फसल! जानिए पुलिस ने कैसे किया नशे के इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश?

रायगढ़/रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे राज्य में मादक पदार्थों के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के पनपने की आशंका गहरा गई है। दुर्ग और बलरामपुर जिले के बाद अब रायगढ़ जिले में भी पुलिस ने लगभग डेढ़ एकड़ जमीन पर की जा रही अफीम की अवैध खेती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में झारखंड निवासी एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो अपने ससुराल में छिपकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था।

ससुराल की जमीन पर उगा रहा था ‘काला सोना’

रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट गांव में नदी के किनारे सुनसान इलाके में अफीम की खेती की जा रही है। सूचना के आधार पर एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। वहां लगभग डेढ़ एकड़ भूमि पर लहलहाती अफीम की फसल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यह स्थान गांव से काफी दूर था, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

झारखंड से सीखी थी खेती की तकनीक

पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से झारखंड के खूंटी जिले (ग्राम हडमबनम) का रहने वाला है। उसकी शादी आमाघाट निवासी सुषमा खलको से हुई है। मार्शल ने अफीम उगाने की तकनीक झारखंड में ही सीखी थी। अधिक मुनाफा कमाने के लालच में वह पिछले चार महीने से अपने ससुराल में यह खेती कर रहा था। फसल पक चुकी थी और वह इसे बाजार में बेचने की तैयारी में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। प्रशासन द्वारा जमीन की नपाई की जा रही है और आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

राज्य में लगातार मिल रहे हैं अफीम के खेत

रायगढ़ का यह मामला कोई छिटपुट घटना नहीं है; हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में ऐसे मामले सामने आए हैं:

  • दुर्ग: कुछ दिनों पूर्व दुर्ग के जेवरा-सिरसा क्षेत्र में एक भाजपा नेता के फार्महाउस पर 5 एकड़ से अधिक भूमि पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी। राजस्थान से मजदूर बुलाकर यह खेती करवाई जा रही थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई।
  • बलरामपुर: झारखंड सीमा से लगे बलरामपुर जिले के कुसमी (त्रिपुरी ग्राम) और कोरंधा (तुर्रीपानी ग्राम) थाना क्षेत्रों में भी पुलिस ने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी है। तुर्रीपानी में 1.47 एकड़ जमीन से लगभग 18 क्विंटल अफीम जब्त की गई, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक है। इस मामले में दो स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन हुआ सख्त

लगातार मिल रहे इन मामलों ने पुलिस और प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। जांच में यह बात सामने आ रही है कि तस्कर अब सीमावर्ती राज्यों (विशेषकर झारखंड) से आकर छत्तीसगढ़ के सुदूर और आदिवासी बहुल इलाकों में स्थानीय लोगों की जमीन लीज पर लेकर या रिश्तेदारों के यहां अफीम की खेती कर रहे हैं। प्रशासन ने राज्य भर में, विशेषकर सीमावर्ती और जंगली इलाकों में, राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों के माध्यम से सघन जांच अभियान तेज कर दिया है।