खाने की बात पर हुए विवाद में टार्च से वार कर ली थी साथी की जान; पुलिस को गुमराह करने रची थी डकैती की झूठी कहानी
रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम मिलूपारा में एक सप्ताह पूर्व हुई चौकीदार की संदिग्ध मौत के मामले को रायगढ़ पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज ‘अंधे कत्ल’ का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतक का करीबी दोस्त और सहकर्मी ही निकला। आरोपी ने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए 4-5 अज्ञात हमलावरों की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी, लेकिन मृतक के मुंह में फंसे प्लास्टिक के एक छोटे टुकड़े ने कातिल का राज फाश कर दिया।
क्या थी घटना?
बीती 10 मार्च की सुबह बिजली कंपनी के टावर की रखवाली करने वाले लखन उर्फ धरभईया चौधरी (46 वर्ष) का शव खेत में लहूलुहान हालत में मिला था। मौके पर मौजूद उसके साथी अजहर अली (63 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि रात में कुछ अज्ञात लोग टावर की रस्सी काट रहे थे, जिसका विरोध करने पर उन्होंने लखन को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। अजहर ने दावा किया था कि वह अपनी जान बचाकर झाड़ियों में छिप गया था।
वैज्ञानिक जांच में फंसा आरोपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में तमनार पुलिस ने जब मामले की सूक्ष्म जांच शुरू की, तो अजहर के बयानों में विरोधाभास मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के मुंह से प्लास्टिक का एक टुकड़ा बरामद हुआ। शक की सुई अजहर पर घूमी। जब पुलिस ने कड़ाई से और वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की वजह और साक्ष्य मिटाने का प्रयास
आरोपी अजहर अली ने बताया कि घटना की रात खाना बनाने को लेकर उसका लखन से विवाद हो गया था। तैश में आकर उसने अपने हाथ में पकड़ी टार्च से लखन के चेहरे और गले पर ताबड़तोड़ वार किए और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने के लिए उसने:
- खून से सनी टार्च धोकर छिपा दी (इसी टार्च का हिस्सा लखन के मुंह में मिला था)।
- अपने खून से सने कपड़े जला दिए।
- खुद को बचाने के लिए डकैती और अपहरण की झूठी कहानी रची।


