रायगढ़, 3 फरवरी 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को तेज कर दिया है। जनवरी में जिले के थानों से 59 गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए, जिनमें से 56 को सतत प्रयासों से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। नाबालिगों के 16 मामलों में 14 को ढूंढ निकाला गया। बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपियों पर POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई।
उल्लेखनीय सफलताएं:
कोतरारोड़ पुलिस: 8 साल से लापता 14 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बालक को महाराष्ट्र के सतारा से बरामद कर परिजनों को सौंपा (अपराध क्र. 18/2018, धारा 363 भादवि)।
चक्रधरनगर पुलिस: गुम नाबालिग बालिका को कोरबा से आरोपी खीरसागर चौहान (27) के कब्जे से दस्तयाब। शादी का लालच देकर भगाया था (अपराध क्र. 410/2025, धारा 137(2) बीएनएस, 64(2) BNS, POCSO)। आरोपी जेल में।
धरमजयगढ़ पुलिस: नाबालिग बालिका को रोशन बसोड़ (20) के पास से बरामद। शादी का झांसा देकर भगाया (अपराध क्र. 383/2025, धारा 137(2) बीएनएस, 64(2) BNS, POCSO)। आरोपी न्यायिक हिरासत में।
पुसौर पुलिस: परिजनों से नाराज नाबालिग बालिका को बिलाईगढ़ के सरिया थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद (अपराध क्र. 18/2026, धारा 137(2) बीएनएस)।
अधिकांश मामलों में बच्चे परिजनों से नाराज होकर या शादी के लालच में घर छोड़ते पाए गए। कोतरारोड़ का केस सबसे प्रेरणादायक रहा, जहां लंबे प्रयासों से परिवार की खुशी लौटी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश:
“ऑपरेशन मुस्कान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अभिभावक बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें, उनकी गतिविधियों और सोशल मीडिया पर नजर रखें। नाबालिगों से जुड़े अपराधों में कोई रियायत नहीं—ऐसे आरोपियों को सीधे जेल भेजा जाएगा।”



