रायगढ़। जिले के तमनार धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के नाम पर बड़ा घपला पकड़ा गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देश पर प्रशासन ने फर्जी एंट्री करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित कर दिया, जबकि फड़ प्रभारी को तत्काल पद से हटा लिया।
19 जनवरी को किसान चन्द्रमणी (पिता: हरीशचंद्र, झिंकाबहाल) ने धान बेचने पहुंचे। जांच में 85 बोरी अमानक धान अलग की गई, बाकी 383 बोरी मानक पाई गईं। लेकिन समिति के रजिस्टर और कंप्यूटर में 662 बोरी (264.80 क्विंटल) की फर्जी खरीदी दर्ज मिली। यानी 279 बोरी (111.6 क्विंटल) का साफ घोटाला!जिला नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति तमनार के डाटा ऑपरेटर अमित साव को लापरवाही और अनियमितता के लिए तत्काल निलंबित किया गया। फड़ प्रभारी हरेराम सिदार को भी कर्तव्यलापी मानकर धान खरीदी से हटा दिया।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने चेतावनी दी, “धान खरीदी में पारदर्शिता सबसे ऊपर। किसानों के हितों से खिलवाड़ या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं। सभी केंद्रों पर सतत निगरानी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।”किसान हित में यह कदम सराहनीय है, जो भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों पर लगाम लगाएगा।



