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रायगढ़ पुलिस महकमे में 18 नए प्रशिक्षु उप-निरीक्षकों की एंट्री, एसएसपी बोले- ‘पुलिसिंग महज नौकरी नहीं, जनसेवा है’

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर रायगढ़ जिले को 18 नए प्रशिक्षु उप-निरीक्षक (एसआई) मिल गए हैं। पुलिस अकादमी की कड़ी ट्रेनिंग के बाद अब ये युवा अफसर फील्ड में अपनी सेवाएं देंगे और व्यावहारिक पुलिसिंग के गुर सीखेंगे। पुलिस लाइन में आमद देने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने इन सभी को अनुशासन, ईमानदारी और सेवाभाव से काम करने का मूलमंत्र दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों से हुआ परिचय

बता दें कि नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय ने बीते 22 मई 2026 को प्रदेश भर के 526 उप-निरीक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग जिलों में आवंटित किया था। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले के हिस्से में 18 प्रशिक्षु आए हैं। सोमवार को रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने इन सभी युवा अफसरों की जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से परिचयात्मक मुलाकात करवाई।

अनुशासन और संवेदनशीलता ही पहली सीढ़ी

नए अफसरों को संबोधित करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि अकादमी की ट्रेनिंग और जमीनी हकीकत में काफी फर्क होता है। उन्होंने कहा कि फील्ड का यह व्यावहारिक प्रशिक्षण पुलिस सेवा का सबसे अहम हिस्सा है, जहां वास्तविक परिस्थितियों में काम करते हुए एक बेहतर अधिकारी बनने का अवसर मिलता है। एसएसपी ने जोर देते हुए कहा कि पुलिस विभाग अन्य सरकारी महकमों से अलग है। उन्होंने अपना स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का दायित्व है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को फील्ड में लागू करें और जनता के प्रति संवेदनशील बनें।”

विवेचना और कानून व्यवस्था की बारीकियां सीखने की सलाह

इस परिचयात्मक अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने भी प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अफसरों को अभी से अपराध विवेचना (इन्वेस्टिगेशन) का स्तर उच्च कोटि का बनाए रखने की सलाह दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वे इस ट्रेनिंग पीरियड का पूरा लाभ उठाएं और अनुभवी पुलिसकर्मियों के मार्गदर्शन में कानून व्यवस्था व पुलिसिंग के हर पहलू को बारीकी से समझें।

अलग-अलग थानों में मिली तैनाती

व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए मंगलवार (2 जून) को एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इन सभी 18 प्रशिक्षु उप-निरीक्षकों को जिले के अलग-अलग थानों में अस्थायी रूप से पदस्थ कर दिया है। अब ये युवा अफसर सीधे जनता के बीच रहकर पुलिसिंग की चुनौतियों और जिम्मेदारियों को समझेंगे।